Health Tips Desi Gharelu Ilaj : No 1 Treatment
दोस्तों मैं एक डॉक्टर और स्वास्थ्य सलाहकार हूं। मैं यहां अपने इस ब्लॉग पर हमेशा सही और स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी देता हूं।
यहां पर मेरे द्वारा बताए गए सभी Health Tips Desi Gharelu Ilaj सही और कई मरीजों पर सफलतापूर्वक प्रयोग किए हुए होते हैं।
चिकित्सक से आप लोग अपने शरीर की प्रकृति के बारे में जरूर जान लें।
उसके बाद आप जब इन नुस्खों या Health Tips Desi Gharelu Ilaj का प्रयोग करेंगे तो यह Health Tips आप लोगों को सही और सटीक फायदा करेंगे।
दोस्तों मैं यहां अपनी इस वेबसाइट के ब्लॉग्स पर अपने आर्टिकल्स के माध्यम से आप लोगों को हमेशा Health Tips और Health से रिलेटेड आर्टिकल्स बताता हूं।
सभी छोटी छोटी बीमारियों के No. 1 Health Tips Desi Gharelu Ilaj :
दोस्तों मैं यहां आप लोगों को बिना कोई फीस लिए ही सभी छोटी छोटी बीमारियों के Health Tips अपने इस ब्लॉग Desi Gharelu Ilaj में बताता हूं।
दोस्तों अगर आप लोगों को अपनी किसी भी बिमारी से संबंधित कोई भी जानकारी चाहिए हो तो कमेंट बॉक्स में कमेंट कर के बताएं।
No. 1 Health Tips Desi Gharelu Ilaj
Health Tips For Cold : Desi Gharelu Ilaj for Cold
हेल्थ टिप्स फॉर कोल्ड : देसी घरेलु इलाज फॉर कोल्ड
जुकाम | Cold
6 ग्राम अदरक के बारीक टुकड़े करें और 2 ग्राम काली मिर्च को कूट लें फिर 20 ग्राम पुराना गुड़ मिलाकर
सबको ढाई सौ ग्राम पानी में उबालें चौथाई पानी रहने पर उतारकर छान लें और इसे पी लें।
इस नुस्खे को दो-तीन दिन सेवन करने से जुकाम दूर हो जाएगा।
Health Tips For Dysentery : Desi Gharelu Ilaj For Dysentery
हेल्थ टिप्स फॉर डिसेंट्री : देसी घरेलु इलाज फॉर डिसेंट्री
पेंचिश | Dysentery
एक तोला ईसबगोल पानी के साथ खीर की तरह मिश्री डालकर पकाकर खाने से पेचिश ठीक हो जाती है।
Health Tips For Piles : Desi Gharelu Ilaj For Piles
हेल्थ टिप्स फॉर पाइल्स : देसी घरेलु इलाज फॉर पाइल्स
बवासीर : Piles
बवासीर दो प्रकार की होती है।
खूनी बवासीर और वादी बवासीर।
अंदर की बवासीर में मस्से अंदर की ओर होते हैं।
गोल चपटे उभरे हुए मस्से चना मसूर के दाने के बराबर भी होते हैं और इससे बड़े भी हो सकते हैं।
कब्ज की वजह से जब अंदर का मस्सा शौच करते समय जोर लगाने पर बाहर आ जाता है।
तो मरीज दर्द से तड़प उठता है और अगर मस्से छिल जाएं तो जख्म हो जाता है।
बाहर की बवासीर में मस्से गुदा वाली जगह पर होता है इसमें इतना दर्द नहीं होता।
कभी-कभी मीठी खारिश या खुजली होती है।
कब्ज होने पर इससे इतना खून आने लगता है कि मरीज खून देखकर घबरा जाता है।
बवासीर की निशानी :
बवासीर के मरीज का हाजमा खराब हो जाता है,
भूख नहीं लगती, कब्ज रहने लगती है,
पेट में कभी-कभी गैस बनने लगती है।
मैद, दिल, जिगर, सभी कमजोर हो जाते हैं।
आमतौर से शारीरिक कमजोरी हो जाती है।
मरीजों के मुंह पर हल्की सूजन भी आ जाती है।
बवासीर का इलाज :
50 ग्राम रीठा लेकर तवे पर रखकर किसी कटोरी या बर्तन से ढक दें और तवे के नीचे आधा घंटा आग जलाएं।
रीठे भस्म हो जाएंगे। रीठे की भस्म ठंडी होने पर कटोरी हटाकर बारीक करके किसी महीना कपड़े से छानकर लें।
अब रीठे की भस्म 20 ग्राम, सफेद कत्था 20 ग्राम, कुश्ता फौलाद 3 ग्राम ले कर।
सबको बारीक करके आपस में मिला ले और खुराक बना लें।
खुराक का वजन :
1 ग्राम सुबह को और 1 ग्राम शाम को 20 ग्राम मक्खन में रखकर खाएं ऊपर से ढाई सौ ग्राम दूध पी लिया करें।
10 से 15 दिन यह खुराक खाएं।
यह बहुत बढ़िया दवा है।
खूनी और बादी बवासीर दोनों को दूर करती है।
परहेज :
गुड, मांस, मीट, मछली, अंडे, शराब, आम, अमचूर, अंगूर, कब्ज ना होने दें।
और नीचे लिखा मरहम मस्सों पर लगाएं।
बवासीर का मरहम बनाने की विधि :
वैसलीन सफेद 50 ग्राम, कपूर 6 ग्राम, सल्फा डायजिन की तीन गोली, बोरिक एसिड 6 ग्राम,
सब को बारीक करके पीस लें और छानकर वैसलीन में मिलाकर,
रात को सोते समय, सुबह सोंच जाने से पहले और दिन में एक दो बार रोजाना उंगली की सहायता से अंदर बाहर मस्सों पर लगाने से लाभ मिलता है।
खूनी बवासीर :
गेंदे के पेड़ के हरे पत्ते 10 ग्राम, काली मिर्च पांच दाने, कुंजा मिश्री या धागे वाली मिश्री 10 ग्राम,
सभी को 60 ग्राम पानी में रगड़ कर,
मिलाकर, छानकर 4 दिन तक दिन में एक-एक बार पिए।
गर्म चीज ना खाएं और कब्ज ना होने दें।


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